मौत के बाद सड़क पर उतरा गुस्सा, चार घंटे तक थमा रहा रास्ता
कोरबा/बांकीमोंगरा। सोमवार की शाम बांकीमोंगरा के बाकी 2 नंबर में हुए सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। तेज टक्कर में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर जुटे परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया और देखते ही देखते मार्ग पर चक्काजाम की स्थिति बन गई। करीब चार घंटे तक चले विरोध के बाद प्रशासन की सहायता और कार्रवाई के आश्वासन पर रात करीब 10:30 बजे रास्ता खुल सका।
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार सोमवार शाम करीब 6:30 बजे ट्रक क्रमांक CG-04-JB-3963 ने बाइक और स्कूटी को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार तुलसीदास महंत, निवासी ग्राम रोहिना, की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। बाइक पर सवार दूसरा व्यक्ति भी हादसे में घायल हुआ, जिसे कटघोरा में प्राथमिक उपचार के बाद कोरबा रेफर किया गया।
एक हादसा, और पांच परिवार प्रभावित
हादसे में स्कूटी पर सवार तीन लोग भी घायल हुए हैं। घायलों में सेमीपाली और रोहिना क्षेत्र के लोग शामिल बताए जा रहे हैं। इनमें एक घायल की हालत गंभीर होने की जानकारी सामने आई है। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
सड़क पर बैठ गए परिजन और ग्रामीण
हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिजन और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। घटना से नाराज लोगों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया। लोगों की मांग थी कि मृतक के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। दर्री सीएसपी, बांकीमोंगरा थाना पुलिस तथा आसपास के थानों से अतिरिक्त बल बुलाया गया। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की और यातायात व्यवस्था को नियंत्रित किया।
25 हजार शासन से, 25 हजार वाहन मालिक ने दिए
एक जिंदगी की कीमत सिर्फ 50 हजार?
बांकीमोंगरा हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या एक इंसानी जिंदगी की कीमत महज 50 हजार रुपये तय हो गई है? हादसे में एक परिवार ने अपना सदस्य खो दिया, चार लोग घायल होकर अस्पताल पहुंचे और सड़क पर घंटों तक आक्रोश देखने को मिला। प्रशासनिक सहायता के नाम पर 25 हजार रुपये शासन से और 25 हजार रुपये वाहन मालिक की ओर से दिए गए, लेकिन क्या इतनी रकम उस परिवार के दर्द, भविष्य की चिंता और अपूरणीय नुकसान की भरपाई कर सकती है? ऐसे हादसे अगर महज आर्थिक सहायता देकर खत्म हो जाएं और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई का संदेश जमीन पर नजर न आए, तो सवाल उठना लाजिमी है कि क्या भारी वाहनों के चालकों और मालिकों में कानून का खौफ बचा है? जरूरत है कि हादसे की निष्पक्ष जांच हो, जिम्मेदारी तय हो और सड़क सुरक्षा के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर ऐसी कार्रवाई हो, जिससे किसी अगली जिंदगी की कीमत रुपये में न तौली जाए।
लंबे समय तक चले विरोध के बाद प्रशासन की ओर से मृतक के परिवार को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई गई। कटघोरा नायब तहसीलदार अमनदीप अंचल ने शासन की ओर से 25 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की। वहीं वाहन मालिक की ओर से भी 25 हजार रुपये दिए गए।
इस तरह मृतक के परिजनों को तत्काल 50 हजार रुपये की सहायता मिली। प्रशासन की ओर से नियमानुसार अन्य कार्रवाई किए जाने का भरोसा भी दिलाया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया।
ट्रक जब्त, चालक फरार
बांकीमोंगरा पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया है। हालांकि हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
इधर, मृतक के शव को एसईसीएल अस्पताल की शव मर्चुरी में रखा गया है। मंगलवार को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
हादसे के बाद देर रात तक क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। चक्काजाम खत्म होने के बाद पुलिस ने सड़क पर यातायात व्यवस्था सामान्य कराई।





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