करीब 20-25 फीट गहरा और 30 फीट चौड़ा गड्ढा बनने का दावा, लगातार बह रहा पानी; ग्रामीणों की भीड़ से हादसे का खतरा
बांकीमोंगरा। बांकीमोंगरा क्षेत्र की 2 नंबर बस्ती में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब खेत देखने पहुंचे किसान हरिहर सिंह, निवासी बांकी बस्ती ने जमीन के बड़े हिस्से में भू-धसान की स्थिति देखी। देखते ही देखते घटनास्थल की जानकारी आसपास के लोगों तक पहुंची और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौके पर पहुंचने लगे।
स्थानीय जानकारी के अनुसार भू-धसान वाले हिस्से में लगभग 20 से 25 फीट तक जमीन बैठने तथा करीब 30 फीट चौड़ा गड्ढा बनने की बात सामने आई है। सबसे चिंता की बात यह बताई जा रही है कि गड्ढे में लगातार पानी बह रहा है और जमीन के धंसने का दायरा धीरे-धीरे बढ़ता दिखाई दे रहा है।
किसान के बताए अनुसार SECL को सूचना, मिट्टी भरने का दिया आश्वासन
घटना की जानकारी SECL अधिकारियों को दिए जाने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों के अनुसार SECL प्रबंधन की ओर से भू-धसान वाले स्थान पर मिट्टी डलवाकर उसे भरने का आश्वासन दिया गया है।
हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ मिट्टी डालकर गड्ढा भरना पर्याप्त नहीं होगा। क्षेत्र में पहले भी इस तरह की घटनाएं होने की बात सामने आती रही है। ऐसे में जमीन धंसने के वास्तविक कारणों की जांच और स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाने की जरूरत है।
माइंस क्षेत्र होने से बार-बार भू-धसान का दावा
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र के नीचे खनन गतिविधियों के कारण जमीन के खोखले होने की स्थिति बनी हुई है, जिसके चलते समय-समय पर भू-धसान जैसी घटनाएं सामने आती हैं। हालांकि, भू-धसान के वास्तविक तकनीकी कारणों की पुष्टि संबंधित विशेषज्ञ जांच के बाद ही हो सकेगी।
ग्रामीणों का सवाल है कि यदि एक ही क्षेत्र में बार-बार जमीन धंसने की घटनाएं सामने आ रही हैं, तो SECL प्रबंधन द्वारा स्थायी सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही है?
गड्ढे के आसपास जुट रही भीड़, हादसे का खतरा
भू-धसान की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग घटनास्थल को देखने बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। लेकिन मौके की स्थिति को देखते हुए यह भीड़ अपने आप में चिंता का विषय बन गई है।
बताया जा रहा है कि गड्ढे के भीतर पानी लगातार बह रहा है और आसपास की जमीन भी प्रभावित हो रही है। ऐसे में लोगों का घटनास्थल के बिल्कुल करीब जाना अप्रिय घटना को न्योता दे सकता है।
SECL तत्काल लगाए बैरिकेड और सुरक्षा गार्ड
स्थानीय लोगों की मांग है कि जब तक प्रभावित क्षेत्र का तकनीकी निरीक्षण और स्थायी समाधान नहीं हो जाता, तब तक SECL प्रबंधन को घटनास्थल के आसपास तत्काल बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था करनी चाहिए।
इससे लोगों को खतरनाक क्षेत्र में जाने से रोका जा सकेगा और किसी संभावित दुर्घटना को टाला जा सकेगा।
अब सवाल मिट्टी भरने से आगे का है
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या केवल मिट्टी भरकर इस भू-धसान का समाधान हो जाएगा, या फिर जमीन के नीचे की वास्तविक स्थिति का तकनीकी सर्वे कराकर स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाएंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि SECL प्रबंधन को मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मौके का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, क्योंकि लगातार बढ़ता भू-धसान और मौके पर जुट रही भीड़ दोनों ही गंभीर खतरे का संकेत हैं।
स्थानीय किसान एवं भूमि स्वामी: हरिहर सिंह, निवासी बांकी बस्ती।



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