बांकीमोंगरा। नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा में विकास कार्यों को लेकर पार्षदों और पीआईसी सदस्यों ने अब मोर्चा खोल दिया है। पार्षदों द्वारा मुख्य नगर पालिका अधिकारी को सौंपे गए लिखित पत्र में विभिन्न वार्डों में विकास कार्यों की अनदेखी, मूलभूत सुविधाओं की समस्याओं और जनप्रतिनिधियों की कथित उपेक्षा को लेकर नाराजगी जताई गई है।
18 अगस्त 2026 को सौंपे गए पत्र में पार्षदों ने आरोप लगाया है कि पालिका क्षेत्र के कई वार्डों में सड़क, नाली, बिजली, स्ट्रीट लाइट और पानी जैसी मूलभूत समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। पत्र में विशेष रूप से वार्ड क्रमांक 18 से 30 तक सड़क की बदहाली, नालियों की सफाई एवं निर्माण, बिजली-स्ट्रीट लाइट की समस्याओं और पानी की व्यवस्था को लेकर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं।
पार्षदों का कहना है कि कुसमुंडा क्षेत्र के वार्डों में पर्याप्त फंड होने के बावजूद विकास कार्य नहीं किए जा रहे हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों में विभिन्न मदों से प्राप्त राशि से कार्य कराए जा रहे हैं। पत्र में इसे क्षेत्र के साथ भेदभाव की स्थिति बताते हुए तत्काल विकास कार्य शुरू कराने की मांग की गई है।
इसके अलावा पीआईसी सदस्यों के साथ कथित तौर पर उपेक्षित व्यवहार किए जाने का भी उल्लेख किया गया है। पत्र के अनुसार, विभागीय कार्यक्रमों में पीआईसी सदस्यों को शामिल नहीं करने, सूचना नहीं देने तथा मान-सम्मान नहीं देने की शिकायत भी सामने आई है।
पार्षदों ने कुसमुंडा क्षेत्र में यात्री प्रतीक्षालयों की बदहाल स्थिति, वार्डों में बिजली-पानी की समस्या और क्षेत्र में मौजूद एकमात्र टेप नल से पर्याप्त पानी नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया है। पत्र में जनप्रतिनिधियों द्वारा समस्याओं से अवगत कराने के बाद भी पालिका स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है।
23 अगस्त तक निरीक्षण और कार्रवाई की मांग
पार्षदों ने मांग की है कि नगर पालिका परिषद के अधिकारी 23 अगस्त 2026 तक उपेक्षित सभी वार्डों का निरीक्षण कर विकास कार्यों की स्थिति स्पष्ट करें तथा जिन वार्डों में अब तक विकास कार्य नहीं हुए हैं, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो 24 अगस्त से आंदोलन
पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि 23 अगस्त तक उचित कार्रवाई नहीं की गई तो 24 अगस्त 2026 से नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा का घेराव एवं तालाबंदी आंदोलन किया जाएगा। पत्र में आंदोलन की संपूर्ण जवाबदेही मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं जिला प्रशासन की होने की बात कही गई है।
इस पत्र की प्रतिलिपि उपमुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन, विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल, कलेक्टर कोरबा, पुलिस अधीक्षक कोरबा, एसडीएम कटघोरा, नगर पालिका अध्यक्ष, बांकीमोंगरा थाना प्रभारी सहित संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।
अब देखना होगा कि पार्षदों की इस चेतावनी के बाद नगर पालिका प्रशासन कितनी तेजी से विकास कार्यों और मूलभूत समस्याओं को लेकर कदम उठाता है। 23 अगस्त की समय-सीमा के बाद 24 अगस्त को प्रस्तावित घेराव एवं तालाबंदी आंदोलन को लेकर पालिका क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल बढ़ने की संभावना है।



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