पहले ही दिन बड़ा एक्शन! नए थाना प्रभारी जितेंद्र यादव के आते ही पूर्व पार्षद पर किया 1.20 लाख की ठगी (धोखाधड़ी) का केस दर्ज।
कोरबा (छत्तीसगढ़): जिला अंतर्गत बाकीमोंगरा थाना क्षेत्र में पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर धोखाधड़ी और ठगी करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। नेहरू नगर कटघोरा के पूर्व पार्षद रवीन्द्र मोहन बघेल एवं उनके साथियों पर एक ग्रामीण से उसके बेटे को पुलिस केस और गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर 1,20,000 रुपये ठगने का आरोप लगा है। पीड़ित की शिकायत पर बाकीमोंगरा पुलिस ने आरोपी पूर्व पार्षद और उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर लिया है।
अपराध क्रमांक 150/26 भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 318(4) (धोखाधड़ी/ठगी) और धारा 3(5)
क्या है पूरा मामला?
बाकीमोंगरा थाना अंतर्गत सुराकछार बस्ती निवासी सुरेश चंद (पिता अर्जुन दास महंत) ने पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत में बताया कि 15 मई 2026 को उनके बेटे साहिल कुमार के खिलाफ एक युवती द्वारा शारीरिक शोषण की शिकायत दर्ज कराई गई थी।
शिकायत दर्ज होने के तुरंत बाद कटघोरा के नेहरू नगर निवासी पूर्व पार्षद रवीन्द्र मोहन बघेल (पिता जगमोहन दास) ने पीड़ित सुरेश चंद से संपर्क किया। उसने दावा किया कि पुलिस में उसकी ऊंची पहुंच है और यदि वह 1,50,000 रुपये देगा, तो वह मामले को शांत करवा देगा और साहिल को पुलिस कार्रवाई व गिरफ्तारी से बचा लेगा।
आरोपी पूर्व पार्षद के झांसे में आकर पीड़ित सुरेश चंद ने उसे पैसे देने की सहमति दी:
15 मई 2026: पीड़ित ने 50,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए।
16 मई 2026: आरोपी के कहे अनुसार 1,00,000 रुपये साडा कॉलोनी (यूको बैंक के सामने) में उसके एक अज्ञात परिचित को नकद में सौंपे गए। इस तरह आरोपी को कुल 1.50 लाख रुपये दिए गए।
पैसे लेने के बावजूद बेटा गया जेल, फिर लौटाए सिर्फ 30 हजार
पैसे लेने के बावजूद आरोपी पूर्व पार्षद साहिल कुमार को गिरफ्तारी से नहीं बचा सका। बाकीमोंगरा पुलिस ने साहिल कुमार को हिरासत में लेकर कटघोरा कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
जब पीड़ित ने अपने बेटे की गिरफ्तारी के बाद आरोपी रवीन्द्र मोहन बघेल से पैसे वापस मांगे, तो उसने रकम लौटाने का आश्वासन दिया। दबाव बनाने पर आरोपी ने 19 मई 2026 तक केवल 30,000 रुपये ही वापस किए।
शेष 1,20,000 रुपये मांगने पर आरोपी टालमटोल करने लगा और बाद में पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया तथा जो बने कर लेने की धमकी दी।
पुलिस की कार्रवाई👇👇
काफी समय तक पैसे मिलने का इंतजार करने के बाद पीड़ित सुरेश चंद ने पुलिस अधीक्षक कोरबा के समक्ष लिखित आवेदन प्रस्तुत कर न्याय की गुहार लगाई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बाकीमोंगरा थाना पुलिस ने 31 जुलाई 2026 को आरोपी रवीन्द्र मोहन बघेल एवं उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ:
भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 318(4) (धोखाधड़ी/ठगी) और धारा 3(5) (समान मंशा से मिलकर अपराध करना) के तहत मामला पंजीकृत किया है।
मामले की अग्रिम जांच प्रधान सिपाही (HC) रमेश कुमार द्वारा की जा रही है।



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