बांकीमोंगरा मेन चौक में विद्युत सुधार कार्य के दौरान बिना हेलमेट और सेफ्टी बेल्ट खंभों पर चढ़े कर्मी, LT केबल बदलने का काम भी अधूरा
बांकीमोंगरा। क्षेत्र की बदहाल बिजली व्यवस्था को सुधारने की दिशा में बिजली विभाग ने बांकीमोंगरा मेन चौक में नए विद्युत खंभे लगाने का काम शुरू किया है। साथ ही पुरानी LT केबल को बदलने का कार्य भी कराया जा रहा है। नए खंभे लगने के बाद नीचे लटक रहे विद्युत तारों को ऊपर करने की कवायद हुई है, जिससे स्थानीय उपभोक्ताओं को राहत की उम्मीद जगी है।
लेकिन इस सुधार कार्य के बीच सबसे बड़ा सवाल बिजली व्यवस्था का नहीं, बल्कि उन कर्मचारियों की सुरक्षा का है जो अपनी जान जोखिम में डालकर विद्युत कार्य कर रहे हैं।
बिना हेलमेट, बिना सेफ्टी बेल्ट... आखिर इतनी बड़ी लापरवाही क्यों?
मेन चौक में कार्य के दौरान ठेका कर्मियों को विद्युत खंभों पर चढ़कर काम करते देखा गया। मौके पर कुछ कर्मियों के पास हेलमेट और सेफ्टी बेल्ट जैसे आवश्यक सुरक्षा उपकरण नजर नहीं आए।
विद्युत लाइन से जुड़े कार्य में जरा सी असावधानी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब विभाग और ठेकेदार विद्युत सुधार का काम करा रहे हैं, तो कर्मियों की सुरक्षा को लेकर तय मानकों का पालन क्यों नहीं कराया जा रहा?
क्या ठेका कर्मियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं? अगर उपलब्ध कराए गए हैं तो उनका इस्तेमाल क्यों नहीं हो रहा? और यदि उपकरण उपलब्ध ही नहीं कराए गए, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है?
काम जरूरी है, लेकिन कर्मचारी की जान उससे भी ज्यादा जरूरी
बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कार्य होना निश्चित रूप से अच्छी पहल है, लेकिन किसी भी सुधार कार्य की कीमत कर्मचारियों की सुरक्षा से नहीं चुकाई जानी चाहिए।
विद्युत खंभों पर चढ़कर काम करने वाले कर्मियों के लिए सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उनकी जिंदगी से जुड़ा विषय है। एक छोटी सी चूक और पूरा परिवार जिंदगीभर के लिए उजड़ सकता है।
ऐसे में बिजली विभाग को मौके पर कार्य की निगरानी के साथ यह भी देखना चाहिए कि ठेकेदार द्वारा सुरक्षा नियमों का पालन कराया जा रहा है या नहीं।
बिजली विभाग या ठेकेदार—जवाबदेही किस
की?
मौके की तस्वीरों में यदि कर्मचारी बिना आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के काम करते दिखाई दे रहे हैं तो यह गंभीर विषय है। अब सवाल यह है कि क्या ठेकेदार सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं करा रहा है या कर्मचारी उपलब्ध उपकरणों का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं?
यदि सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए हैं तो ठेकेदार की जवाबदेही तय होनी चाहिए और यदि उपकरण उपलब्ध होने के बावजूद उनका इस्तेमाल नहीं कराया जा रहा है तो विभागीय निगरानी पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।
बिजली विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ठेका कर्मियों से जोखिम भरा काम कराने से पहले सुरक्षा मानकों का जमीन पर पालन हो, सिर्फ कागजों में नहीं।
LT केबल बदलने का काम भी अभी पूरा नहीं
मेन चौक में नए खंभे लगाने और LT केबल बदलने का काम शुरू होने से लोगों को उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन LT केबल बदलने का कार्य अभी पूरी तरह पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि क्षेत्र की बिजली समस्या पूरी तरह दूर हो गई है।
बांकीमोंगरा के कई अन्य इलाकों में भी विद्युत खंभों, तारों, ट्रांसफार्मरों और अन्य उपकरणों से जुड़ी समस्याएं अभी बनी हुई हैं। इसलिए स्थानीय लोगों की मांग है कि विभाग केवल एक स्थान पर काम कर औपचारिकता पूरी न करे, बल्कि पूरे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था का निरीक्षण कर चरणबद्ध तरीके से सभी खामियों को दूर करे।
सुधार के साथ सुरक्षा पर भी हो सख्ती
बांकीमोंगरा में बिजली व्यवस्था सुधारने की पहल का स्वागत किया जाना चाहिए, लेकिन सुधार कार्य करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
अब देखना यह है कि बिजली विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या भविष्य में विद्युत कार्य के दौरान हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट सहित आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल कराया जाएगा।
क्योंकि बिजली की समस्या का समाधान जरूरी है... लेकिन किसी कर्मचारी की जान जोखिम में डालकर नहीं।





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