कोरबा (कटघोरा) | छत्तीसगढ़ के कटघोरा क्षेत्र में प्रयागराज के एक २२ वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पुलिस और परिजनों के सामने कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं। जहर सेवन की आशंका के बीच अस्पताल लाए गए युवक ने दम तोड़ दिया, लेकिन मामले में असली सस्पेंस तब शुरू हुआ जब खुद को उसकी पत्नी बताने वाली महिला अचानक अस्पताल से रफूचक्कर हो गई।
इतना ही नहीं, मृतक का मोबाइल फोन, आधार कार्ड और अन्य अहम दस्तावेज भी मौके से गायब मिले हैं, जिससे इस पूरी घटना के पीछे किसी गहरी साजिश की बू आ रही है।
🔍 बिलासपुर की शीशा फैक्ट्री से कटघोरा अस्पताल तक का सफर
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की शिनाख्त अभिषेक कुमार गौड़ (२२ वर्ष), निवासी प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।
पेशा: अभिषेक पिछले दो साल से बिलासपुर की एक ग्लास फैक्ट्री में मजदूरी कर रहा था।
घटनाक्रम: मंगलवार 14 जुलाई को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी। जहर खाने की आशंका में उसे पहले कटघोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
🕵️ कौन थी वो 'रहस्यमयी' पत्नी?
अभिषेक की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में एक महिला पहुंची। उसने खुद को अभिषेक की पत्नी बताया और दावा किया कि उनके दो बच्चे भी हैं। पुलिस ने उससे कुछ शुरुआती पूछताछ की, लेकिन इससे पहले कि पुलिस उसकी बातों की तस्दीक कर पाती, वह महिला चुपके से अस्पताल से गायब हो गई और फिर वापस नहीं लौटी। पुलिस अब इस संदिग्ध महिला की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
📄 जेब में मिले सिर्फ ४०१ रुपये... मोबाइल और दस्तावेज गायब!
अभिषेक की मौत सामान्य है या कोई सोची-समझी साजिश, इसे लेकर शक इसलिए गहरा रहा है क्योंकि उसके पास से कोई भी पहचान पत्र या फोन नहीं मिला है।
जांच में क्या मिला: मृतक की जेब से केवल ४०१ रुपये नकद और कुछ कागज मिले।
क्या है गायब: उसका मोबाइल फोन, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेज गायब हैं।
कैसे हुई शिनाख्त: जेब से मिले एक कागज पर लिखे मोबाइल नंबर के जरिए पुलिस ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में रहने वाले उसके पिता नीरज कुमार गौड़ से संपर्क साधा।
पिता का बयान: अस्पताल पहुंचे परिजनों ने बताया कि अभिषेक ने उन्हें फोन पर शादी करने की बात तो बताई थी, लेकिन वे उसकी पत्नी या उसके वैवाहिक जीवन के बारे में कुछ भी नहीं जानते थे।
⚖️ परिजनों ने लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार
मृतक के पिता नीरज कुमार गौड़ और अन्य परिजनों ने इस घटना को सीधे तौर पर संदिग्ध माना है। उन्होंने पुलिस से गुहार लगाई है कि केवल "जहर सेवन" मानकर मामले को बंद न किया जाए। मोबाइल और दस्तावेजों का गायब होना और कथित पत्नी का अचानक फरार हो जाना सीधे तौर पर किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है।
फिलहाल, पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है और मामले के हर संदेहास्पद पहलू को ध्यान में रखकर गहराई से जांच शुरू कर दी है।



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