कोरबा: एसईसीएल (SECL) की कुसमुंडा खदान क्षेत्र में बुधवार को सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक और लापरवाही का एक और गंभीर मामला सामने आया है। खदान के कांटा घर (वेट ब्रिज) के पास ड्यूटी पर तैनात एक सुपरवाइजर की तेज रफ्तार ट्रेलर की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई।
इस घटना के बाद से खदान परिसर और स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे और नौकरी की मांग को लेकर सीधे जीएम कार्यालय का घेराव कर वहां तालाबंदी कर दी है।
प्रमुख बिंदु (At a Glance)
घटनास्थल: कुसमुंडा खदान, कांटा घर (वेट ब्रिज) के पास।
मृतक: बहरता दास (पिता– सुनोउदास), निवासी ग्राम जपेली।
पद: सुपरवाइजर, एसईसीएल कुसमुंडा खदान।
मुख्य मांगें: उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को स्थायी रोजगार और सुरक्षा मानकों की समीक्षा।
कैसे हुआ हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, बहरता दास कुसमुंडा खदान में बतौर सुपरवाइजर अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। इसी दौरान कांटा घर के पास एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्रेलर ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भयानक थी कि सुपरवाइजर की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद सहकर्मियों और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई, जो देखते ही देखते गुस्से में बदल गई।
जीएम कार्यालय में तालाबंदी और प्रदर्शन
हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिजन, ग्रामीण और साथी कर्मचारी बड़ी संख्या में एसईसीएल कुसमुंडा के महाप्रबंधक (जीएम) कार्यालय पहुंच गए।
लिखित आश्वासन पर अड़े प्रदर्शनकारी: परिजनों और ग्रामीणों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जीएम कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया।
मांगें: प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक प्रबंधन मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति (रोजगार) का लिखित आश्वासन नहीं देता, तब तक उनका यह धरना-प्रदर्शन और तालाबंदी जारी रहेगी।
प्रशासन और पुलिस की स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों द्वारा प्रदर्शनकारियों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, लेकिन पुलिस के नियंत्रण में है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दुर्घटना के कारणों की गहराई से जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।



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