रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र के संजय नगर से एक बेहद सनसनीखेज और दुखद मामला सामने आया है। यहाँ एक ही परिवार के 5 लोगों के शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच के मुताबिक, करीब 20 लाख रुपये के कर्ज और भारी-भरकम EMI के दबाव में आकर बैटरी कारोबारी ने इस आत्मघाती कदम को अंजाम दिया।
मकान से आ रही बदबू ने खोला राज
घटना का खुलासा तब हुआ जब शुक्रवार रात करीब 10 बजे घर के अंदर से तेज सड़न की बदबू आने लगी। पड़ोसियों ने इसकी सूचना तुरंत टिकरापारा थाना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का मंजर देखकर हर कोई सन्न रह गया।
कमरे के भीतर पुरानी बैटरियों का कारोबार करने वाले सय्यद शाहिद उर्फ सज्जू (45) का शव फंदे से लटका हुआ था, जबकि उसकी पत्नी और तीन बच्चों के शव जमीन पर पड़े हुए थे।
मृतकों की पहचान
मकान मालिक सय्यद उमेर अली (जो पूर्व महापौर एजाज ढेबर के निजी सचिव रह चुके हैं) के घर पर शाहिद पिछले 8 महीनों से किराए पर रह रहा था।
मृतकों में शामिल हैं:
सय्यद शाहिद उर्फ सज्जू (45) – (कारोबारी)
राबिया – (पत्नी)
इरशाद अली (19) – (बेटा, निजी कंपनी में कार्यरत)
शाहिदा (17) – (बेटी)
इरशाबा बेगम (16) – (बेटी)
मृतकों के शवों की पहचान शाहिद के भाई जहीर अली (निवासी कुकरीपारा) ने की है।
खाने में जहर मिलाकर देने की आशंका
पुलिस और फोरेंसिक टीम को शुरुआती जांच में मृतकों के मुंह से झाग निकलता हुआ मिला है। इसके साथ ही कमरे से खाने-पीने के सामान और एक कीटनाशक का डिब्बा भी बरामद किया गया है।
आशंका: मिली जानकारी अनुसार माना जा रहा है कि शाहिद ने गुरुवार देर रात पहले अपनी पत्नी और बच्चों को खाने में कीटनाशक (जहर) मिलाकर दे दिया और जब उनकी मौत हो गई, तो उसके बाद खुद फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह साफ होगी।
क्यों उठाया यह खौफनाक कदम?
पुलिस पूछताछ और परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, शाहिद मोदहापारा इलाके में बैटरी रिपेयरिंग और पुरानी बैटरियों की खरीद-बिक्री का काम करता था। वह पिछले लंबे समय से भारी आर्थिक तंगी से जूझ रहा था।
- 20 लाख का कर्ज: शाहिद पर करीब 20 लाख रुपये का कर्ज था।
- रिकवरी का दबाव: बैंक की ईएमआई (EMI) के साथ-साथ निजी उधारी का दबाव भी लगातार बढ़ रहा था।
पारिवारिक तनाव: कर्ज वसूलने के लिए अक्सर लोग उसके घर पहुंच जाते थे, जिसके चलते घर में लगातार विवाद और मानसिक तनाव की स्थिति बनी रहती थी।
पुलिस इस आर्थिक दबाव और कर्ज को ही घटना की मुख्य वजह मानकर मामले की विस्तृत जांच कर रही है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मकान को सील कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
नोट: यदि आप या आपके जानने वाले किसी भी तरह के मानसिक तनाव या आर्थिक दबाव से जूझ रहे हैं, तो कृपया किसी पेशेवर काउंसलर या हेल्पलाइन से मदद लें। आत्महत्या किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। (राष्ट्र भास्कर न्यूज)



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