बांकीमोंगरा। नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा के वार्ड क्रमांक-13 के पार्षद एवं राजस्व एवं बाजार समिति के सभापति अश्वनी कुमार मिश्रा ने जिला कोरबा की भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की विभिन्न शाखाओं में आम नागरिकों को हो रही बैंकिंग संबंधी परेशानियों के निराकरण एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। इस संबंध में उन्होंने SBI के मुख्य महाप्रबंधक, भोपाल को लिखित आवेदन भेजकर शाखाओं की कार्यप्रणाली में सुधार तथा शिकायतों पर कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
27 सितंबर 2026 को जारी पत्र में पार्षद ने बैंक शाखाओं में KYC, नामिनी, मोबाइल नंबर, ATM, चेकबुक आदि से संबंधित आवेदन अथवा फॉर्म जमा करने के बाद ग्राहकों को पावती नहीं दिए जाने का मुद्दा उठाया है। पत्र में कहा गया है कि पावती नहीं मिलने के कारण आवेदन अथवा दस्तावेज जमा होने का प्रमाण ग्राहकों के पास नहीं रहता और उन्हें दोबारा फॉर्म भरने के लिए कहा जाता है।
बैंक प्रवेश व्यवस्था पर भी सवाल
आवेदन में बैंकिंग समय के दौरान आम ग्राहकों के प्रवेश को लेकर भी समस्या का उल्लेख किया गया है। पत्र के अनुसार, कुछ शाखाओं में आम नागरिकों के प्रवेश पर रोक अथवा प्रतिबंध जैसी स्थिति रहती है, जबकि कुछ व्यक्तियों को अंदर जाकर कार्य करने की अनुमति मिलने से आम ग्राहकों में असमान व्यवहार की भावना उत्पन्न होती है।
पार्षद ने वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों एवं महिलाओं के लिए उचित एवं सुविधाजनक बैंकिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता भी बताई है।
लंच के दौरान प्रभावित होती है ग्राहक सेवा
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि लंच के समय कई बार अधिकांश स्टाफ एक साथ लंच पर चले जाते हैं और केवल एक कर्मचारी काउंटर पर रह जाता है। इससे ग्राहकों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है और बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होती हैं। आवेदन में इस व्यवस्था की समीक्षा कर ग्राहक सेवा सुचारू रखने की मांग की गई है।
ATM फेल ट्रांजेक्शन और मुआवजे का मुद्दा
अश्वनी कुमार मिश्रा ने ATM से राशि जमा करने या राशि निकालने के बाद ट्रांजेक्शन फेल होने तथा राशि वापस नहीं मिलने की समस्या भी उठाई है। पत्र में RBI के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा गया है कि ऐसे मामलों में राशि निर्धारित अवधि में वापस होनी चाहिए तथा देरी होने पर नियमानुसार ग्राहक को क्षतिपूर्ति मिलनी चाहिए। उन्होंने इस संबंध में ग्राहकों को बार-बार बैंक के चक्कर लगाने की स्थिति समाप्त करने की मांग की है।
जवाबदेही और लिखित कार्रवाई की मांग
पत्र में प्रत्येक प्रमुख सेवा के लिए आवश्यक दस्तावेज और निर्धारित समय-सीमा को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने तथा शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई है। साथ ही संबंधित शाखाओं को आवश्यक निर्देश जारी कर निरीक्षण/समीक्षा के माध्यम से व्यवस्था सुनिश्चित करने और की गई कार्रवाई एवं भविष्य की कार्ययोजना की लिखित जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
आवेदन की प्रतिलिपि केंद्रीय वित्त मंत्री, जिला कलेक्टर कोरबा, SBI के उप महाप्रबंधक बिलासपुर, क्षेत्रीय प्रबंधक कोरबा तथा संबंधित शाखा प्रबंधकों को भी भेजी गई है।
पत्र के माध्यम से उठाए गए मुद्दों पर अब SBI प्रबंधन की कार्रवाई और लिखित जवाब का इंतजार है।



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