बांकी मोंगरा। SECL के बांकी-कुसमुंडा क्षेत्र स्थित अस्पताल में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स (MR) की आवाजाही और चिकित्सकों से मुलाकात का मुद्दा अब सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया है। मरीजों की सुविधा और इलाज में किसी तरह का व्यवधान न हो, इसे लेकर नगर पालिका परिषद बांकी मोंगरा के राजस्व एवं बाजार समिति सभापति व वार्ड क्रमांक-13 के पार्षद अश्वनी कुमार मिश्रा ने अस्पताल प्रबंधन का ध्यान आकर्षित कराया है।
मुलाकात की व्यवस्था हो स्पष्ट
मिश्रा ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र सौंपकर अस्पताल में MR के प्रवेश और डॉक्टरों से मिलने की व्यवस्था को स्पष्ट करने की मांग की है। उनका कहना है कि अस्पताल में आने वाले मरीज उपचार और चिकित्सकीय सलाह के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में डॉक्टरों की व्यस्तता के बीच किसी अन्य गतिविधि से मरीजों को असुविधा नहीं होनी चाहिए।
‘इलाज पहले, बाकी गतिविधियां बाद में’
पत्र के जरिए मांग की गई है कि यदि MR को चिकित्सकों से मिलने की अनुमति है तो उनके लिए निर्धारित समय, प्रवेश प्रक्रिया और मुलाकात के स्पष्ट नियम तय किए जाएं। इन नियमों की जानकारी सार्वजनिक होने से अस्पताल में अनावश्यक भ्रम की स्थिति भी खत्म हो सकती है।
नियम हैं तो पालन भी जरूरी
सभापति ने अस्पताल प्रबंधन से यह भी आग्रह किया है कि मरीजों के उपचार को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराया जाए। उनका कहना है कि अस्पताल का मूल उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, इसलिए ऐसी कोई गतिविधि नहीं होनी चाहिए जिससे मरीजों के इलाज अथवा चिकित्सकीय परामर्श में बाधा आए।
6 अक्टूबर 2026 को सौंपे गए पत्र की प्रतिलिपि SECL बिलासपुर के संबंधित अधिकारियों, मुख्य महाप्रबंधक और उपक्षेत्रीय प्रबंधक को भी भेजी गई है। अब निगाहें अस्पताल प्रबंधन की कार्रवाई और स्पष्ट व्यवस्था पर टिकी हैं।


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